4 महिला अफसरों का दर्द पहली बार आया सामने
पोस्ट देख रिश्तेदार ने पूछा क्या महिला अवसर ऐसी होती है मैं अपनी शर्मिंदगी बयान नहीं कर सकती
टंडन की याचिका पर हाईकोर्ट में का शक्ति से बढ़ते पुलिस
अजमेर में सोशल मीडिया पर महिला आईएएस पर आपत्तिजनक भाषा वाला पोस्ट डालने वाले राजेश टंडन अब तक पुलिस के सामने पेश नहीं हुए मंगलवार को f.i.r. निरस्त करने की टंडन की याचिका पर हाईकोर्ट ने केस डायरी तलब की है साथ ही पुलिस को सख्ती ने बरतने के निर्देश दिए हैं अगली सुनवाई 18 मार्च को होगी इस विवाद के बीच भास्कर ने केस दर्ज कराने वाली चारों महिला अफसरों से उनका पक्ष जानना चाहा तो उन्होंने कहा कि पुलिस के समक्ष दी गई शिकायत ही उनका पक्ष है यहां हम महिला अधिकारियों की शिकायत में कही गई बातों को ही उनके पक्ष के तौर पर पेश कर रहे हैं
शिकायत के यह अंश महिला अफसरों का दर्द बयां करते हैं
राजेश टंडन ने अपनी पोस्ट में अजमेर में कार्यरत महिला आईएएस अफसर का जिक्र किया अजमेर में सिर्फ 5 ही महिलाएं आईएएस देना थे ऐसे में ऐसे पोस्ट से सभी महिलाओं का अपमान होता है अवश्य ही उनके पास कोई फर्जी क्लिपिंग है या फिर कोई फर्जी क्लिपिंग तैयार की है ताकि महिला अधिकारियों को बदनाम कर सकें इस पोस्ट के बाद मेरे रिश्तेदार ने घर आकर मुझसे इस विषय में पूछा उसने मुझसे पूछा कि क्या सभी महिलाएं आईएएस अधिकारी ऐसी ही होती है इस पोस्ट की वजह से हुई शर्मिंदगी में बयान नहीं कर सकती
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